Tuesday, November 30, 2021

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Hemant Sharma

शरद: जब कृष्ण भी सोलह हज़ार गोपिकाओं के साथ रास रचाने पर मजबूर होते है।

शरद पूर्णिमा हमने कल रात देखी।शरद की चाँदनी व्यक्ति और प्रकृति में सबसे ज़्यादा उद्दीपन पैदा करती है।समन्दर की उद्दाम लहरें चाँद के आलिंगन...

राजनीति की सभी धाराओं की गंगोत्री है उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश वह विराट चुम्बक है जिसके स्पर्श के बिना भारत की राजनीति फलित नहीं होती। इस राज्य ने देश की राजनीति को विविध...

सिखों की अरदास भी दुर्गा पूजा से ही शुरू होती है: ‘प्रिथम भगौती सिमरि कै गुरुनानक लई धिआई।’

मातृरूपेण संस्थिता । कोई तीस बरस पहले मेरी बीमार मॉं ने मुझसे कहा मै पूरे नवरात्रों का उपवास रखती हूँ।अब अस्पताल से यह संभव नहीं...

समय ठहरता नही। अगर ठहरता है तो सिर्फ़ स्मृतियों में: उम्र ६०; फ़लसफ़ा अनंत

संन्यस्तं मया संन्यस्तं मया संन्यस्तं मयेति त्रिरुक्त्वाभयं सर्वभूतेभ्यो मत्तः सर्वं प्रवर्तते- मैने संन्यास लिया, मैंने संन्यास लिया, मैंने संन्यास लिया, आरूणेय उपनिषद के इस श्लोक के...

लंगड़ा मोची: सोच में अरस्तू और सुकरात का फूफा

कोरोना काल में घुले इस अवसाद के माहौल में ‘इवंनिग वॉक’ उर्जा देता है। ये अलग बात है कि मेरे सेक्टर के ज़्यादातर ‘ईवनिंग...

होम हेयर कटिंग सेलून : “स्वेत स्वेत सब कुछ भलो,स्वेत भले नही केस । नारी रीझें न रिपु डरे, न आदर करे नरेस”

मूंड देना यानि साफ कर देना।शाब्दिक अर्थोँ में सर के बाल सफाचट कर देने की प्रक्रिया को मूंड देना कहते हैं। मगर इस शब्द...

कोरोना महामारी: लड़ाई वैकल्पिक नहीं, अनिवार्य है

हमारी क्षुद्रताएं सामने आ गई हैं। आस-पड़ोस में कोई बुजुर्ग मरता है, तो पड़ोसी अपने खिड़की-दरवाजे बंद कर लेते हैं। घर वाले किसी तरह...

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