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आमीर खाँ

“पंडित कुछ करो। जो कर रहे हो, वह पत्रकारिता नहीं है।”

निर्भयनिर्गुण ,गुणरेगाऊँगा प्रभाष जी आज होते तो चौरासी बरस पूरा कर पिचास्वी में होते (जन्मदिवस: १५ जुलाई, १९३६)। देश की मौजूदा समस्याओं पर उनकी दृष्टि...

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Sant Kumar Sharma
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Veeresh Malik
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